पीठ के निचले हिस्से में दर्द और पेट में दर्द क्या होता हैHealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 11:43

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क्यों होता है पीठ में दर्द?

हम सभी ने जीवन में किसी ना किसी दर्द को महसूस किया ही होगा। कुछ दर्द ऐेसे होते हैं जिनसे हमें ज़्यादा परेशानी नहीं होती। वहीं कुछ प्रकार के दर्द हमारे दिनचर्या के कामों में बाधा बन जाते हैं। और कई ऐसे दर्द भी हैं जो हमारे लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देते हैं और हमें डाॅक्टर की सहायता लेनी पड़ती है। आज मेवाड़ हाॅस्पीटल की टीम बात करने जा रही है एक ऐसे सामान्य दर्द की जिसके प्रभाव से हममें से कई लोग परिचित हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं पीठ दर्द की। इस बिंदु पर बात करने से पहले आइए सबसे पहले जानते हैं रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कुछ बातें।

रीढ़ की हड्डी, जिसे बैकबाॅन (backbone) या स्पाइनल काॅलम (spinal column) भी कहा जाता है, हमारे शरीर के सबसे मज़बूत भागों में गिनी जाती है। यह 24 हड्डियों से बनी होती है जिसे वर्टिब्रा (vertebrae) कहा जाता है जो एक दूसरे के ऊपर होती हैं। इनके बीच में डिस्क और इर्द-गिर्द लिगामेन्ट्स और मांसपेशियां मौजूद होती हैं।
जानिए पीठ दर्द के कारण

पीठ दर्द की परेशानी विभिन्न कारणों से हो सकती है। आइए जानते हैं उनके बारे में उपयोगी जानकारी के साथ।

1. मांसपेशियों या लिगामेन्ट्स में तनाव
इस तरह की परिस्थति भी पीठ दर्द के कारणों में से एक मानी जाती है। यह वज़नदार वस्तुओं को बार-बार उठाने या फिर एकदम किसी तरह के अनचाहे मूवमेन्ट की वजह से हो सकती है। मांसपेशियों में तनाव किसी गतिविधि को बार-बार करने से भी हो सकता है। और कुछ ऐसी भी परिस्तथियां होती हैं जहां लिगामेन्ट में मोच आ जाती है या फिर यह टूट जाता है और पीठ में दर्द शुरू हो जाता है।

2. आर्थराइटिस (Arthritis)
यह जोड़-संबंधी बीमारी है जिसके 100 से भी ज़्यादा प्रकार हैं और उनमें से प्रमुख है आॅस्टियोआर्थराइटिस। इस स्थिति में दर्द के अलावा सूजन और अस्थिरता भी हो सकती है। यह हमारे जोड़ों के कार्टिलेज को क्षति पहुंचाती है। समय के साथ-साथ ये स्पाइनल स्टेनोसिस को बढ़ावा देती है जिसका विवरण नीचे किया गया है।

3. स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis)
इस स्थिति में दर्द तब होता है जब स्पाइनल केनाल तंग हो जाती है जिस जगह पर तंत्रिका जड़ें (nerve roots) होती हैं। इस तरह की तंगी विभिन्न प्रकार की होती हैं और कई मौकों पर डाॅक्टर की सहायता लेना आवश्यक हो जाता है। पीठ दर्द के इलाज के लिए आज ही मेवाड़ हाॅस्पीटल पधारें और उचित इलाज प्राप्त करें।

4. आॅस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
यह हड्डियों से संबंधित ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां कमज़ोर हो जाती है। आॅस्टियोपोरोसिस पीठ दर्द का कारण तब बन सकती है जब स्पाइनल काॅलम (रीढ़ की हड्डी) में कम्प्रेशन फ्रेक्चर हो। यह स्थिति बहुत ज़्यादा विचलित कर देने वाली है क्योंकि इसमें व्यक्ति के फ्रेक्चर की संभावना रोज़मर्रा के कार्यों से भी हो सकती है।

5. साईटिका (Sciatica)
साइटिका उस स्थिति को कहा जाता है जब पीठ में दर्द साइटिक नस की वजह से होता है। साइटिक नस सबसे बड़ी और लंबी नस है जो हमारे पीठ के निचले हिस्से से होती हुई दोनों पैरों में पहुंचती है। यदि किसी वजह से इस नस पर दबाव पड़ता है तो पीठ के निचले सिरे में दर्द होने लगता है जो कूल्हों और पैरों में भी फैल सकता है।

6. फ्रेक्चर (Fracture)
यदि हड्डी टूट जाती है या अपनी जगह से खिसक जाती है, तो यह भी पीठ दर्द के कारण में से एक हो सकती है। पीठ के बल गिरने पर या किसी दुर्घटना के बाद यदि आपको पीठ में दर्द महसूस हो रहा है तो डाॅक्टर से ज़रूर मिलें।

यदि आप अपना सीटिंग पोस्चर सही नहीं रखते हैं, तो याद रखें यह भी पीठ दर्द का कारण बन सकता है। लैपटाॅप या कंप्यूटर पर काम करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप ज़्यादा झुककर ना बैठें। कमर को सीधा रखें अन्यथा इससे कमर के साथ-साथ कंधों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।

8. स्पोंडिलोलिस्थेसिस (Spondylolisthesis)
यदि फ्रेक्चर की वजह से रीढ़ की हड्डी ज़्यादा कमजा़ेर हो जाती है, तो ऐसे मौकों पर वर्टिब्रा (vertebrae) खिसकने लगती है जिसकी वजह से दर्द और कठोरता जैसी परेशानियां देखने को मिलती है।

9. डिस्क-संबंधी परेशानी (Disc-Related Problems)
हमारी पीठ में कई डिस्क मौजूद रहती हैं जो कि वर्टिब्रा, यानि रीढ़ की हड्डियों की छोटी हड्डियों को कुशन करने में सहायक होती हैं। यह डिस्क पीठ में अपनी जगह से हट सकती हैं और नस पर दबाव बन सकता हैं। यहां तक कि ये डिस्क टूट भी सकती है जिसे हर्निएटेड डिस्क के नाम से जाना जाता है।

10. अन्य परेशानियां
बताए गए कारणों के अलावा भी कुछ ऐसी स्थितियां हैं जिनके कारण पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। जैसे कि फेसेट जाॅइंट डिस्फंक्शन (facet joint dysfunction) सेक्रोइलिएक जाॅइंट डिस्फंक्शन (sacroiliac joint dysfunction) एंकिलोसिंग स्पोंडिलाइटिस (ankylosing spondylitis) ओस्टियोमाइलाइटिस (osteomyelitis) आदि।

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